Season 1, Episode 34 · Mahabharat Hindi Podcast
034 - द्रोणाचार्य का विनाशकारी प्रहार
1 Aug 2025 · 9 min
Season 1, Episode 34 · Mahabharat Hindi Podcast
1 Aug 2025 · 9 min
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस असामान्य रात के बारे में, जब दोनों सेनाओं ने कुछ देर का विराम लिया और घायल योद्धाओं का इलाज किया। लेकिन रात के अंतिम प्रहर में युद्ध फिर से हिंसक रूप से शुरू हुआ, और द्रोणाचार्य ने पांडवों की सेना पर अत्यधिक आक्रमण किया। पांडवों के कई महान सहयोगी मारे गए, और युद्ध ने एक नया मोड़ लिया। अर्जुन और द्रोण के बीच संघर्ष और भीषण होता गया, जब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को एक नई रणनीति अपनाने का संकेत दिया।
by Atul Purohit · Hindi · Devotional & Spiritual
This will be a podcast of Mahabharat narrated by Atul Purohit in Hindi. I will also talk about the life of Krishna and include content from Srimad Bhagwat and Gita.
S1 · E37 · 17 Oct 2025 · 8 min
आज के एपिसोड में सुनिए अश्वत्थामा के प्रचंड क्रोध की कथा — जब नारायणास्त्र विफल होने के बाद उन्होंने अपने पिता के वध का प्रतिशोध लेने के लिए रणभूमि जला डाली। धृष्टद्युम्न, सात्यकि और भीम तक उनके प्रहार से कांप उठे। अंततः अर्जुन और अश्वत्थामा आमने-सामने आए — दिव्यास्त्रों की भीषण टक्कर में पूरा आकाश दहक उठा। लेकिन जब अर्जुन ने ब्रह्मास्त्र चलाया, तब अश्वत्थामा को पीछे हटना पड़ा — और इसी के साथ द्रोण पर्व का अंत हुआ।
S1 · E36 · 5 Sep 2025 · 13 min
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस क्षण की कहानी जब द्रोणाचार्य की मृत्यु के बाद पांडव पक्ष में मिश्रित भावनाएँ उठीं। भीमसेन और धृष्टद्युम्न ने विजय का उत्सव मनाया, लेकिन अर्जुन अपने गुरु की हत्या से गहरे शोक में डूब गए। सात्यकि और धृष्टद्युम्न के बीच तनाव बढ़ा, जिसे कृष्ण और भीमसेन ने संभाला। दूसरी ओर, कौरवों में हाहाकार मच गया और अश्वत्थामा, अपने पिता के वध का बदला लेने के लिए क्रोधित होकर युद्ध में कूद पड़े। उन्होंने नारायणास्त्र का प्रकोप चलाया – एक ऐसा दिव्य अस्त्र, जो सामना करने पर पूरे युद्धभूमि को नष्ट कर सकता था। पांडव सेना भयभीत हो गई, सभी महारथियों ने कृष्ण के आदेश पर हथियार डालकर…
S1 · E35 · 19 Aug 2025 · 15 min
इस एपिसोड में हम जानेंगे कि कैसे कृष्ण ने युधिष्ठिर और पांडवों के साथ मिलकर द्रोणाचार्य को पराजित करने की रणनीति बनाई।
S1 · E33 · 15 Jul 2025 · 12 min
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस भयंकर रात्रि युद्ध के बारे में, जब कौरवों ने थकान के बावजूद युद्ध जारी रखा। दुर्योधन के उन्माद और कर्ण की प्रतिहिंसा से युद्ध ने एक नया मोड़ लिया। अर्जुन और कर्ण का भीषण सामना हुआ, और साथ ही सात्यकि और सोमदत्त के बीच द्वंद्व ने माहौल को और गरमा दिया। इस एपिसोड में जानिए कैसे रात्रि के अंधेरे में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को चुनौती दी और युद्ध की तीव्रता बढ़ी।
S1 · E32 · 25 Jun 2025 · 11 min
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे अर्जुन की प्रतिज्ञा के बारे में, जहां उन्होंने जयद्रथ का वध कर अपनी प्रतिज्ञा पूरी की। अर्जुन की वीरता और धर्म के संघर्ष को समझते हुए, हम देखेंगे कि कैसे उन्होंने कौरवों के खिलाफ एक के बाद एक शत्रुओं का सामना किया। इस एपिसोड में जयद्रथ के वध के बाद युद्ध का माहौल और भी भीषण हो गया, जब रात के अंधेरे में दोनों सेनाओं के बीच संघर्ष जारी रहा।
S1 · E31 · 9 Jun 2025 · 27 min
इस कड़ी में अर्जुन को अभिमन्यु की दुखद मृत्यु का समाचार मिलता है और वे जयद्रथ वध की प्रतिज्ञा लेते हैं। अगली सुबह अर्जुन अकेले विशाल व्यूह को भेदते हैं, जबकि सात्यकि और भीम भी उनके पीछे आते हैं। रणभूमि में जबरदस्त युद्ध होता है – वीरता, क्रोध और शोक सब चरम पर हैं। अर्जुन का हर कदम केवल एक लक्ष्य के लिए है: प्रतिशोध।
S1 · E50 · 7 Oct 2026 · 9 min
आज के एपिसोड में अश्वमेध का अश्व मणिपुर पहुँचता है, जहाँ अर्जुन का सामना अपने ही पुत्र बभ्रुवाहन से होता है। पिता और पुत्र के बीच ऐसा युद्ध छिड़ता है जिसका अंत एक चौंकाने वाली घटना से होता है। इसके पीछे छिपा है उलूपी का एक पुराना रहस्य, जिसका संबंध भीष्म पितामह और कुरुक्षेत्र युद्ध से है। जानिए क्यों अर्जुन की यह पराजय वास्तव में उनके एक पुराने कर्म से मुक्ति का मार्ग बनती है।
S1 · E49 · 9 Sep 2026 · 12 min
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे अश्वमेध के अश्व के साथ अर्जुन की आर्यावर्त यात्रा, जहाँ उनका उद्देश्य युद्ध नहीं, बल्कि शांति और एकता स्थापित करना था। इस यात्रा में अर्जुन का सामना त्रिगर्त और प्राग्ज्योतिष जैसे पुराने शत्रुओं से होता है, जहाँ कुरुक्षेत्र की पुरानी यादें फिर जीवित हो उठती हैं। इसके बाद सिंधु में जयद्रथ की स्मृतियों के बीच दुःशला अर्जुन के सामने आती हैं और कहानी एक बेहद भावुक मोड़ लेती है।
S1 · E48 · 31 Jul 2026 · 9 min
आज के एपिसोड में हम अश्वमेधिक पर्व की शुरुआत करेंगे। युद्ध जीतने के बाद भी युधिष्ठिर के मन का संघर्ष समाप्त नहीं हुआ था, और पूरे आर्यावर्त को फिर से एकजुट करने का समय आ गया था। जानिए कैसे अश्वमेध यज्ञ केवल एक राजकीय अनुष्ठान नहीं, बल्कि शांति, मेल-मिलाप और नई शुरुआत का प्रतीक बना। इसी के साथ आरंभ होती है अर्जुन की पूरे भारत की अद्भुत यात्रा, जहाँ हर राज्य एक नई चुनौती और नई कहानी लेकर उनका इंतज़ार कर रहा है।
S1 · E43 · 12 Jun 2026 · 10 min
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे बाणों की शैया पर लेटे भीष्म पितामह के अमूल्य उपदेश। युधिष्ठिर अपने मन के शोक, धर्म और राजकाज से जुड़े प्रश्न लेकर उनके पास आते हैं। भीष्म उन्हें राजधर्म, आपद्धर्म, मोक्ष, दान, कर्म और जीवन के गहरे सत्य समझाते हैं। अंत में वे विष्णु सहस्रनाम का उपदेश देकर उत्तरायण के समय शांत भाव से अपने प्राण त्याग देते हैं।