Episode notes
वीडियो जानकारी: 04.11.25, गीता समागम, कोलकाता, विवरण:- प्रोटीन चाहिए तो क्या मांस खाना जरूरी है? जब पौधों में भी जीवन है, तो फिर पशुओं को खाने पर सवाल क्यों उठाया जाए? यह चर्चा सिर्फ़ मांस और प्रोटीन तक सीमित नहीं रहती। सामने सवाल आता है—जहाँ हमारे पास चुनाव है, वहाँ हम किस आधार पर चुनते हैं? और क्या किसी अज्ञात संभावना का सहारा लेकर उस पीड़ा को नज़रअंदाज़ किया जा सकता है जो हमारे सामने स्पष्ट दिखाई दे रही है? बात यहीं से दुख, करुणा और सही चुनाव तक पहुँचती है। अगर अपने दुख से मुक्ति चाहिए, तो क्या दूसरे के दुख को अलग मानकर हम सचमुच अपने दुख से मुक्त हो सकते हैं? और क्या सही चुनाव वही है जो…
आचार्य प्रशांत
by PrashantAdvait Foundation · Hindi · Devotional & Spiritual
आचार्य प्रशांत एक लेखक, वेदांत मर्मज्ञ, एवं प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक हैं। बेलगाम उपभोगतावाद, बढ़ती व्यापारिकता और आध्यात्मिकता के निरन्तर पतन के बीच, आचार्य प्रशांत 10,000 से अधिक वीडिओज़ के ज़रिए एक नायाब आध्यात्मिक क्रांति कर रहे हैं। आई.आई.टी. दिल्ली एवं आई.आई.एम अहमदाबाद के अलमनस आचार्य प
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5 Oct 2026 · 19 min
क्या AI सचमुच इंसानों को खत्म कर देगा? || आचार्य प्रशांत
वीडियो जानकारी: 26.03.2025, गीता समागम, ग्रेटर नोएडा, विवरण:- क्या चीज़ इंसान को मशीन से अलग बनाती है? अगर एआई आपकी भाषा, व्यवहार, भावनाएँ और यहाँ तक कि आपके रिश्तों की भी नकल कर सकता है, तो फिर इंसान में ऐसा क्या है जिसकी नकल नहीं की जा सकती? चर्चा की शुरुआत एक सरल सवाल से होती है—क्या एआई चेतन हो सकता है? लेकिन चेतना को परिभाषित करना ही मुश्किल हो जाता है। अगर चेतना के प्रमाण व्यवहार, प्रतिक्रिया और दिखाई देने वाले लक्षण हैं, तो एआई इनमें से बहुत कुछ पहले ही प्रदर्शित कर सकता है। इसके बाद सवाल एआई से हटकर हमारी अपनी ज़िंदगी पर आ जाता है। अगर एआई हमारे काम, व्यक्तित्व, रिश्तों और व्यवहार के…
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4 Oct 2026 · 8 min
GitaGPT: Can AI Teach Spirituality? || Acharya Prashant
Video Information: 19.02.23, IIT-Guwahati, Title: Can an AI Replace a Guru? || Acharya Prashant, Context: - In this video Acharya Ji explains why answering a spiritual question is not the same as understanding the person asking it. He contrasts programmed responses with a teacher’s ability to respond to the questioner’s condition. The excerpt moves toward a deeper challenge to the very need for many of our questions.
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4 Oct 2026 · 22 min
इंडोनेशिया जल रहा है, लाखों लोग धुएँ में || आचार्य प्रशांत
वीडियो जानकारी: 12.04.2025, ग्रेटर नोएडा, विवरण:- इंडोनेशिया के जंगल जल रहे हैं, धुआँ सीमाओं के पार पहुँच रहा है। लेकिन क्या जंगल की आग ही संकट है—या उसके पीछे हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी और विकास की पूरी व्यवस्था भी जुड़ी हुई है? जलवायु परिवर्तन का खतरा धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए अक्सर दिखाई ही नहीं देता। बदलता तापमान मानसून, खेती और पानी को प्रभावित कर सकता है। जंगल कटते हैं, कार्बन बढ़ता है और एक ऐसा चक्र बनता जाता है जिसे रोकना आसान नहीं। यह चर्चा मांसाहार, वनों की कटाई, पशुपालन और विकास के उस मॉडल तक जाती है जिसमें आज का लाभ दिखाई देता है, लेकिन भविष्य की आर्थिक और मानवीय कीमत अक्सर दिखाई…
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2 Oct 2026 · 1 hr 52 min
Acharya Prashant with PETA International President Poorva Joshipura || London, UK Tour (2026)
Video Information: 02.06.2026, Interview with PETA International President Poorva Joshipura, London, UK, Title: Acharya Prashant with PETA International President Poorva Joshipura || London, UK Tour (2026), Context: In this conversation with PETA International President Poorva Joshipura, Acharya Prashant explores the psychological roots of animal exploitation and how ego, culture, tradition, and personal choices justify violence. The discussion connects animal exploitation with consumerism, environmental destruction, and human conditioning, highlighting why self-observation and…
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2 Oct 2026 · 16 min
बिहार से बाढ़ जाती क्यों नहीं? असली समाधान क्या है? || आचार्य प्रशांत
वीडियो जानकारी: 18.10.2025, ग्रेटर नोएडा, विवरण:- बिहार बार-बार बाढ़ में डूबता है, लेकिन क्या असली समस्या सिर्फ़ बाढ़ है? जब लाखों लोग खेती पर निर्भर हों, शिक्षा, रोजगार, बिजली और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएँ पीछे हों, तब चुनाव के मुद्दे क्या होने चाहिए? और क्यों बिहार की असली समस्याएँ अक्सर सत्ता और चुनावी तमाशे के पीछे छूट जाती हैं? यह चर्चा एक और सवाल उठाती है—क्या किसी राज्य की बाहरी स्थिति बदल सकती है, बिना उसके भीतर की सोच बदले?
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1 Oct 2026 · 36 min
एक सुशील बहू बनी मॉडर्न - दुनिया का जवाब || आचार्य प्रशांत
वीडियो जानकारी: 28.12.2025, संत सरिता सत्र, बेंगलुरु, Title: पैसा और जूता - दुनिया का खेल कैसे खेलें? || आचार्य प्रशांत (2025), विवरण: इस संवाद में आचार्य प्रशांत समझाते हैं कि सच को जानना ही काफ़ी नहीं, उसके लिए ईमानदारी और साहस भी चाहिए। दूसरों की स्वीकृति पाने के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता करने के बजाय, सच के साथ दृढ़ता से खड़े होना और समाज में सक्रिय भूमिका निभाना ज़रूरी है।
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8 Oct 2026 · 1 hr 17 minNew
World Champion Girls Face Acharya Prashant in the Ring || Acharya Prashant (2026)
Video Information: 06.10.2026, Bhagavad Gita (English), Title: World Champion Girls Face Acharya Prashant in the Ring || Acharya Prashant (2026), Context: Acharya Prashant interacts with Asian Games and MMA champions Aarya Chaudhary and Rewa Bhadouriya, exploring competition, excellence, restlessness, self-discipline, and the deeper meaning of the right fight. He explains why the real opponent is not always outside us, but often the ego within, and why strength, dedication, and self-awareness are essential for living with excellence.
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8 Oct 2026 · 30 minNew
खाने में इतना समय क्यों बर्बाद करते हो? || आचार्य प्रशांत
वीडियो जानकारी: 24.02.2025, संत सरिता, ग्रेटर नोएडा, Title: खाने में इतना समय क्यों बर्बाद करते हो? || आचार्य प्रशांत, विवरण: जिसके जीवन में स्वाद नहीं होता, वह उसकी भरपाई ज़ुबान के स्वाद से करता है। जिनकी ज़िंदगी में असली आग होती है, उन्हें मिर्च वाली आग नहीं चाहिए। मैं स्त्री हूँ या पुरुष - यह बाद की बात है; पहले मैं इंसान हूँ। मेरी ज़िंदगी के छह घंटों की कोई कीमत है या नहीं? घर का खाना सस्ता सिर्फ इसलिए लगता है, क्योंकि उसमें लेबर की कीमत नहीं जोड़ी जाती। एक जी रहा है खाने के लिए, और दूसरी जी रही है बनाने के लिए। जो चीज़ विज्ञान के दायरे में आती है, उसका उत्तर विज्ञान से लो - बाबा जी से…
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7 Oct 2026 · 29 minNew
School Kids Grill Acharya Prashant || Mussoorie International School (2026)
Video Information: 06.04.2026, Mussoorie International School (MIS), Title: School Kids Grill Acharya Prashant || Mussoorie International School (2026), Context: Acharya Prashant explores fundamental questions about identity, self-inquiry, philosophy, perception, and the ego. He explains why our names, roles, achievements, and social identities may not define who we truly are, and why genuine inquiry begins by questioning these identities.
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महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के मामले बढ़ते क्यों जा रहे हैं? || आचार्य प्रशांत
Title: महिलाओं के विरुद्ध हिंसा क्यों नहीं रुक रही? || आचार्य प्रशांत विवरण: हर जघन्य घटना के बाद आक्रोश होता है, विरोध प्रदर्शन होते हैं और कठोर सजा की माँग उठती है। लेकिन कुछ समय बाद वैसी ही दूसरी घटना सामने आ जाती है। आखिर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा क्यों नहीं रुक रही?क्या इसका कारण केवल कमजोर कानून-व्यवस्था है, या इसकी जड़ हमारे घरों, रिश्तों, मनोरंजन और सामाजिक मान्यताओं में छिपी है? महिलाओं को स्वतंत्र मनुष्य के बजाय उपभोग की वस्तु मानने वाली मानसिकता कैसे बदल सकती है? आचार्य प्रशांत समझाते हैं कि केवल अपराधियों को सजा देने या महिलाओं पर और पाबंदियाँ लगाने से समस्या समाप्त नहीं होगी।…
