Episode · Shiv Puran Katha in Hindi
वशिष्ठ मुनि का उपदेश - शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 32
24 May 2026 · 6 min
Episode notes
शिव पुराण के बत्तीसवें अध्याय में महर्षि वशिष्ठ हिमालय को भगवान शिव के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान कराते हैं। इस अध्याय में शिव-पार्वती विवाह का महत्व, भगवान शिव की महिमा और देवी पार्वती के दिव्य स्वरूप का सुंदर वर्णन मिलता है। महर्षि वशिष्ठ बताते हैं कि भगवान शिव स्वयं सृष्टि के पालनकर्ता और परमेश्वर हैं तथा देवी पार्वती आदिशक्ति हैं। यह अध्याय शिवभक्तों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक है।
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Shiv Puran Katha in Hindi
Stream Panther Network · Devotional & Spiritual · Hindi
शिव पुराण सभी पुराणों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण व सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पुराणों में से एक है। भगवान शिव के विविध रूपों, अवतारों, ज्योतिर्लिंगों, भक्तों और भक्ति का विशद् वर्णन किया गया है।इसमें शिव के कल्याणकारी स्वरूप का तात्त्विक विवेचन, रहस्य, महिमा और उपासना का विस्तृत वर्णन है। शिव पुराण में शिव को पंचदेवों में प्रधान अनादि सिद्ध परमेश्वर के रूप में स्वीकार किया गया है। शिव-महिमा,…
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S2 · E37 · 28 Jun 2026 · 5 min
हिमालय का लग्न पत्रिका भेजना | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 37
शिव पुराण के अध्याय 37 में वर्णन मिलता है कि कैसे शैलराज हिमालय ने भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह हेतु लग्न पत्रिका तैयार करवाई और उसे कैलाश पर्वत पर भगवान शिव के पास भेजा। इस अध्याय में विवाह की तैयारियों, शुभ मुहूर्त, देवताओं के आमंत्रण और शिव-पार्वती विवाह के पवित्र प्रसंग का सुंदर वर्णन किया गया है। यदि आप शिव पुराण की सम्पूर्ण कथा सुनना चाहते हैं, तो इस अध्याय को अंत तक अवश्य सुनें। 🔱 अध्याय 37 – हिमालय का लग्न पत्रिका भेजना 🔱 भगवान शिव एवं माता पार्वती विवाह कथा 🔱 शिव महापुराण हिंदी कथा 🔱 सनातन धर्म एवं पुराण कथाएं 🙏 हर हर महादेव 🙏
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S2 · E36 · 21 Jun 2026 · 3 min
सप्तऋषियों का शिव के पास आगमन | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 36
शिव पुराण के अध्याय 36 में सप्तऋषि कैलाश पर्वत पहुँचकर भगवान शिव को हिमालय और मैना की स्वीकृति का समाचार देते हैं। वे भगवान शिव से वैदिक रीति से देवी पार्वती का पाणिग्रहण संस्कार करने का अनुरोध करते हैं। इस अध्याय में शिव-पार्वती विवाह की तैयारियों का शुभारंभ होता है और सभी देवताओं, ऋषियों तथा दिव्य शक्तियों को विवाह में आमंत्रित करने की चर्चा होती है। ✔ सप्तऋषियों का कैलाश आगमन ✔ भगवान शिव को विवाह का संदेश ✔ पार्वती के वाग्दान की सूचना ✔ शिवजी की विनम्रता और विवाह पर चर्चा ✔ देवताओं और ऋषियों को विवाह हेतु आमंत्रण यदि आपको शिव पुराण की दिव्य कथाएं पसंद आती हैं तो वीडियो को Like, Share और…
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S2 · E35 · 14 Jun 2026 · 5 min
हिमालय का शिवजी के साथ पार्वती के विवाह का निश्चय करना | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 35
शिव पुराण के अध्याय 35 में सप्तऋषियों और देवी अरुंधती द्वारा हिमालय और मैना को समझाने के बाद शिव-पार्वती विवाह का निर्णय लिया जाता है। हिमालय भगवान शिव की महिमा को स्वीकार करते हुए अपनी पुत्री पार्वती को शिवजी की अमानत घोषित करते हैं। सप्तऋषि पार्वती को आशीर्वाद देते हैं और विवाह के लिए शुभ मुहूर्त निर्धारित करते हैं। इस अध्याय में जानिए: ✔ भगवान शिव की सर्वोच्च महिमा ✔ हिमालय द्वारा विवाह की स्वीकृति ✔ पार्वती को सप्तऋषियों का आशीर्वाद ✔ शिव-पार्वती विवाह की तैयारी ✔ शुभ विवाह मुहूर्त का निर्धारण यदि आपको शिव पुराण की कथाएं पसंद आती हैं तो वीडियो को Like, Share और Subscribe अवश्य करें।…
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S2 · E34 · 7 Jun 2026 · 7 min
पद्मा–पिप्पलाद की कथा | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता -अध्याय 34
शिव पुराण के चौंतीसवें अध्याय में देवी पद्मा और ऋषि पिप्पलाद की प्रेरणादायक कथा मिलती है। इस अध्याय में देवी पद्मा के पतिव्रत धर्म, धर्मराज द्वारा ली गई परीक्षा, शाप और वरदान का वर्णन है। इस कथा में बताया गया है कि कैसे देवी पद्मा ने अपने वृद्ध पति पिप्पलाद के प्रति अटूट निष्ठा दिखाई और धर्मराज से वरदान प्राप्त किया।
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S2 · E33 · 1 Jun 2026 · 6 min
राजा अनरण्य और पद्मा विवाह की कथा - शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 33
शिव पुराण के तैंतीसवें अध्याय में जानिए राजा अनरण्य, उनकी पुत्री पद्मा और ऋषि पिप्पलाद की अद्भुत कथा। इस अध्याय में धर्म, त्याग, कुल रक्षा और भाग्य की गहरी शिक्षा मिलती है। सुनिए शिव पुराण अध्याय 33 हिंदी में और जानिए कैसे राजा अनरण्य ने अपने कुल की रक्षा के लिए कठिन निर्णय लिया। ✨ इस वीडियो में: राजा अनरण्य की कथा देवी पद्मा का विवाह ऋषि पिप्पलाद की कहानी धर्म और त्याग का महत्व शिव पुराण हिंदी कथा अगर आपको शिव पुराण की कथाएं पसंद हैं तो वीडियो को Like, Share और Channel Subscribe जरूर करें। #ShivPuran #ShivMahapuran #Adhyay33 #ShivPuranHindi #PippaladRishi #PadmaKatha #Mahadev #ShivKatha…
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S2 · E31 · 17 May 2026 · 10 min
सप्तऋषियों ने हिमालय और मैना को समझाया | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 31
शिव पुराण के इकतीसवें अध्याय में सप्तऋषियों का हिमालय के घर आगमन और देवी मैना को समझाने की कथा वर्णित है। इस अध्याय में सप्तऋषि हिमालय और मैना को भगवान शिव की महिमा बताते हैं और समझाते हैं कि पार्वती का विवाह शिवजी से ही होना चाहिए। इस कथा में तारकासुर के अत्याचार, शिव-पुत्र की आवश्यकता, पार्वती की तपस्या और शिव-पार्वती विवाह के दिव्य कारण का वर्णन मिलता है। shiv puran adhyay 31, shiv puran chapter 31 hindi, सप्तऋषियों का आगमन, हिमालय को समझाना, शिव पार्वती विवाह, parvati vivah katha, shiv puran hindi, shiv katha hindi, mahadev katha, saptarishi shiv puran, hindu mythology hindi, sanatan…
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S2 · E30 · 11 May 2026 · 5 min
ब्राह्मण वेष में पार्वती के घर गए शिव | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 30
शिव पुराण के तीसवें अध्याय में भगवान शिव ब्राह्मण वेष धारण करके शैलराज हिमालय के घर जाते हैं। वहाँ वे हिमालय को पार्वती और शिव विवाह के विषय में परखते हैं और शिवजी के गुण-दोषों की चर्चा करते हुए हिमालय की परीक्षा लेते हैं। इस अध्याय में भगवान शिव की लीला, हिमालय की भक्ति, पार्वती की पहचान और शिव-पार्वती विवाह से पहले की दिव्य परीक्षा का वर्णन मिलता है।
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S2 · E29 · 26 Apr 2026 · 7 min
शिवजी द्वारा हिमालय से पार्वती को मांगना | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 29
शिव पुराण के उनतीसवें अध्याय में भगवान शिव द्वारा हिमालय से माता पार्वती का हाथ मांगने की अद्भुत कथा वर्णित है। इस अध्याय में शिवजी की लीला, उनकी माया और पार्वती जी के प्रति उनके दिव्य प्रेम का सुंदर वर्णन मिलता है। इस कथा में बताया गया है कि कैसे भगवान शिव नट रूप धारण करके हिमालय और मैना की परीक्षा लेते हैं, और अंत में उनके मन में पश्चाताप उत्पन्न होता है। यह अध्याय भक्ति, श्रद्धा और भगवान की लीला को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। 🙏 यदि आप शिव पुराण की सम्पूर्ण कथा सुनना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक देखें।
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S2 · E28 · 19 Apr 2026 · 6 min
शिव-पार्वती संवाद और विवाह का निर्णय | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 28
शिव पुराण के अट्ठाईसवें अध्याय में भगवान शिव और देवी पार्वती के बीच अत्यंत महत्वपूर्ण संवाद का वर्णन मिलता है। इस अध्याय में पार्वती जी अपने पूर्व जन्म, तपस्या और भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने की इच्छा को स्पष्ट करती हैं। भगवान शिव इस संवाद में सृष्टि के गहरे रहस्य, प्रकृति और पुरुष के संबंध, तथा माया और ब्रह्म के तत्व को समझाते हैं। अंततः वे पार्वती जी की इच्छा स्वीकार करते हैं और विवाह के लिए सहमति प्रदान करते हैं। ✨ इस अध्याय की मुख्य बातें: पार्वती जी की अटूट भक्ति और प्रेम शिव का आध्यात्मिक ज्ञान और उपदेश प्रकृति और परमात्मा का संबंध शिव-पार्वती विवाह का निर्णय 📖 इस वीडियो में…
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S2 · E27 · 12 Apr 2026 · 9 min
पार्वती जी का क्रोध और शिव का प्रकट होना | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 27
शिव पुराण के सत्ताईसवें अध्याय में देवी पार्वती के अद्भुत धैर्य, भक्ति और भगवान शिव के प्रति अटूट प्रेम का वर्णन मिलता है। इस अध्याय में पार्वती जी एक ब्राह्मण के रूप में आए भगवान शिव की परीक्षा के दौरान उनके अपमान को सहन नहीं करतीं और क्रोध में उन्हें फटकारती हैं। इसी क्षण भगवान शिव अपने वास्तविक स्वरूप में प्रकट होते हैं और पार्वती जी की तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें अपनी पत्नी स्वीकार करने का वचन देते हैं। यह अध्याय हमें सिखाता है: सच्ची भक्ति क्या होती है भगवान की परीक्षा और भक्त की दृढ़ता शिव-पार्वती मिलन का दिव्य रहस्य 📖 इस वीडियो में आपको मिलेगा: ✔️ पूरा अध्याय सरल हिंदी में ✔️ गहरा…
