Episode · आचार्य प्रशांत
अगस्त में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड... अब किस संकट की बारी? || आचार्य प्रशांत
28 Sep 2026 · 14 min
Episode · आचार्य प्रशांत
28 Sep 2026 · 14 min
वीडियो जानकारी: 21.06.24, गीता समागम, ग्रेटर नॉएडा, विवरण:- अगस्त 2026 में गर्मी का रिकॉर्ड टूट रहा है। लेकिन असली सवाल सिर्फ़ तापमान बढ़ने का नहीं है—अगर तापमान इसी तरह बदलता रहा, तो हमारी फसलें, बारिश और नदियाँ कितने समय तक बचेंगी? जलवायु में बदलाव कोई दूर की समस्या नहीं है। तापमान और नमी का संतुलन बिगड़ने से मानसून प्रभावित हो सकता है, फसलें संकट में पड़ सकती हैं और उन छोटी-छोटी प्रजातियों का अस्तित्व खतरे में आ सकता है जिन पर खेती टिकी हुई है। कुछ स्थानीय प्रजातियाँ एक बार मिट गईं, तो क्या वे वापस आ पाएँगी? और नदियों का क्या? ग्लेशियर लगातार सिकुड़ते रहे, तो आज बहती दिखाई दे रही धारा एक…
by PrashantAdvait Foundation · Hindi · Devotional & Spiritual
आचार्य प्रशांत एक लेखक, वेदांत मर्मज्ञ, एवं प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक हैं। बेलगाम उपभोगतावाद, बढ़ती व्यापारिकता और आध्यात्मिकता के निरन्तर पतन के बीच, आचार्य प्रशांत 10,000 से अधिक वीडिओज़ के ज़रिए एक नायाब आध्यात्मिक क्रांति कर रहे हैं। आई.आई.टी. दिल्ली एवं आई.आई.एम अहमदाबाद के अलमनस आचार्य प
29 Sep 2026 · 35 min
Video Information: 01.11.2025, IIT Kharagpur, Title : Who Sold You the Dream Job and Fat Package? || Acharya Prashant, IIT Kharagpur (2025), Context:- Acharya Prashant explores the hidden authority behind words like “must,” “supposed to,” “normal,” and “settle down.” He explains how these seemingly ordinary ideas can quietly dictate our education, career choices, relationships, and entire way of living. The discussion challenges students to question the unseen assumptions they carry and to examine whether their decisions come from love and openness or from fear and conformity.He also…
29 Sep 2026 · 15 min
वीडियो जानकारी: 14.06.24, बातचीत सत्र, ग्रेटर नॉएडा, विवरण:- ब्रिक्स सम्मेलन में विदेशी मेहमानों के लिए शाकाहारी भोजन पर बहस छिड़ी है। लेकिन क्या हमारी थाली में क्या है, यह सिर्फ़ हमारी निजी पसंद का मामला है—या इसका असर उस पृथ्वी पर भी पड़ता है जिस पर हम सब निर्भर हैं? मांसाहार को अक्सर स्वाद, संस्कृति या व्यक्तिगत पसंद से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन अगर हमारे भोजन का संबंध जंगलों, खेती, जानवरों और जलवायु संकट से हो, तो क्या “मेरी मर्ज़ी, मैं कुछ भी खाऊँ” कहकर बात खत्म की जा सकती है? यह चर्चा भोजन से आगे जाकर उस सोच पर सवाल उठाती है जिसमें खाने को केवल निजी मामला माना जाता है। जब खेती का बड़ा…
28 Sep 2026 · 35 min
Video Information: 06.04.2026, Mussoorie International School, Dehradun, Title: Sir, Why Do I Have To Look Pretty? || Acharya Prashant (2026), Context: In this conversation, Acharya Prashant explains how our dependence on others’ opinions comes from not knowing ourselves deeply. When we are clear about who we are, other people’s judgments have much less power over us. The discussion also explores education, parental expectations, exam pressure, and the stress around marks. Acharya Prashant explains that we cannot control the final result, but we can control our intent, effort, and actions.
27 Sep 2026 · 23 min
Video Information: 21.11.2025, Bhagavad Gita (English), Chennai, Context:- A young woman asks Acharya Prashant about the need for female role models. The discussion explores why true greatness goes beyond gender and body identification. It then turns to ego and right company, examining why we sometimes push away what is valuable instead of changing ourselves.
27 Sep 2026 · 20 min
वीडियो जानकारी: 21.05.2024, बोध प्रत्यूषा, ग्रेटर नॉएडा, विवरण:- आप क्रिकेट, खिलाड़ियों और सेलिब्रिटीज़ को घंटों देखते हैं—लेकिन क्या वे आपकी ज़िंदगी के बारे में उतना ही सोचते हैं? आपके पास जो थोड़ा-बहुत खाली समय है, वह किसके नाम हो रहा है? क्रिकेट और सेलिब्रिटी संस्कृति हमारे समय, ध्यान और पैसे का बड़ा हिस्सा ले सकती है, जबकि पानी, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा और पर्यावरण जैसे असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। चर्चा सवाल उठाती है कि जिन लोगों को हम अपना आदर्श बना लेते हैं, क्या वे वास्तव में उन समस्याओं से जुड़े हैं जो हमारी ज़िंदगी को प्रभावित कर रही हैं?और सवाल सिर्फ़ मनोरंजन का नहीं है। जब…
26 Sep 2026 · 33 min
वीडियो जानकारी: 16.08.2026, संत सरिता, गोवा, Title: शादी करी है, ईमान नहीं बेचा है || आचार्य प्रशांत (2026), विवरण: इस संवाद में आचार्य प्रशांत से दिखावे की भूख, दूसरों से खुद को श्रेष्ठ साबित करने की चाह, जानवरों के प्रति मनुष्य के व्यवहार और रिश्तों में अपने मूल्यों को लेकर सवाल किए गए हैं। बातचीत शादी और परिवार तक भी जाती है, जहाँ केवल आकर्षण या सामाजिक पहचान के बजाय जीवनसाथी के विचारों, मूल्यों और मानसिकता को समझने की जरूरत पर चर्चा होती है। साथ ही, रिश्तों में शांति बनाए रखने और अपने मूल्यों से समझौता करने के बीच के अंतर को भी समझाया गया है।
7 Oct 2026 · 29 minNew
Video Information: 06.04.2026, Mussoorie International School (MIS), Title: School Kids Grill Acharya Prashant || Mussoorie International School (2026), Context: Acharya Prashant explores fundamental questions about identity, self-inquiry, philosophy, perception, and the ego. He explains why our names, roles, achievements, and social identities may not define who we truly are, and why genuine inquiry begins by questioning these identities.
7 Oct 2026 · 21 minNew
Title: महिलाओं के विरुद्ध हिंसा क्यों नहीं रुक रही? || आचार्य प्रशांत विवरण: हर जघन्य घटना के बाद आक्रोश होता है, विरोध प्रदर्शन होते हैं और कठोर सजा की माँग उठती है। लेकिन कुछ समय बाद वैसी ही दूसरी घटना सामने आ जाती है। आखिर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा क्यों नहीं रुक रही?क्या इसका कारण केवल कमजोर कानून-व्यवस्था है, या इसकी जड़ हमारे घरों, रिश्तों, मनोरंजन और सामाजिक मान्यताओं में छिपी है? महिलाओं को स्वतंत्र मनुष्य के बजाय उपभोग की वस्तु मानने वाली मानसिकता कैसे बदल सकती है? आचार्य प्रशांत समझाते हैं कि केवल अपराधियों को सजा देने या महिलाओं पर और पाबंदियाँ लगाने से समस्या समाप्त नहीं होगी।…
6 Oct 2026 · 1 hr 58 minNew
वीडियो जानकारी: 03.10.2026, बोध प्रत्युषा सत्र, Title: धर्म के रास्ते के तीन पुराने खतरे और एक चौथा नया विकल्प || आचार्य प्रशांत (2026), विवरण: इस संवाद में आचार्य प्रशांत बताते हैं कि किसी एक परंपरा से चिपक जाना, सभी परंपराओं को बिना समझे अपनाना या सभी परंपराओं को ही नकार देना - तीनों ही तरीकों में समझ का अभाव रह सकता है। वे बताते हैं कि अलग-अलग परंपराओं और दर्शनों के पीछे छिपी मूल बात को समझने के लिए एक सही फ्रेमवर्क की आवश्यकता है। आचार्य जी यह भी समझाते हैं कि “विचारों से परे हो जाओ” का अर्थ विचारों को जबरन रोकना या निर्विचार अवस्था में पहुँचना नहीं है। असली प्रश्न यह है कि विचार किसके…
6 Oct 2026 · 13 minNew
वीडियो जानकारी: 08.09.24, संत सरिता, गोवा, विवरण:- बंगाल की खाड़ी में तूफ़ान का खतरा बढ़ रहा है। लेकिन क्या यह सिर्फ़ एक तूफ़ान की खबर है—या उस जलवायु संकट की झलक, जिसका असर हमारी खेती, अर्थव्यवस्था और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ सकता है? जलवायु परिवर्तन केवल तापमान बढ़ने का नाम नहीं है। बदलता मौसम, समुद्र का गर्म होना, बर्फ का पिघलना और पेड़ों का नष्ट होना ऐसे चक्रों को जन्म दे सकते हैं जो एक-दूसरे को और तेज़ करते जाएँ। और इसका असर वहीं सबसे ज्यादा पड़ सकता है जहाँ खेती, गरीब आबादी और समुद्र के किनारे बसे क्षेत्र एक साथ मौजूद हैं। लेकिन इस संकट के पीछे सिर्फ़ तकनीक या मौसम नहीं है। चर्चा उस…