Episode notes
कहते हैं कि वक़्त आदतन चीजों को संयमित कर देता है , मगर इंतजार...जो प्यार में होता है किसी का, वह अपनी जगह ढीठ बना रहता है, शून्य और अनंत के बीच फैले रिक्त स्थानो में...यह सोच कर कि तुम आओगी और पढ़़ोगी मेरी आँखों में लिखी वो सारी प्रार्थनाएं, जो ईश्वर से करता रहता हूँ मौन की डोर पकड़ कर...इस ख्याल से भी कि किसी तरह दिल बहल जाये, इन्तज़ार के पल ढल जायें, करार रातों के बेक़रारी में बदल जायें, जादू प्रेम का मेरे तुम्हारे ना आने की जिद पे कुछ यूँ चल जाये..कि ना चाह कर भी तुम पुकार लो मुझे...कि तुम ही से प्यार है...तुम्हारा इंतजार है....
Podcast
DHADKANE MERI SUN
Dr. Rajnish Kaushik · Arts & Books · Hindi
Self composed various aspects of love, various feelings, sensations and colors of love with enchanting and melodious words of Hindi and Urdu language have been presented in a very poetic manner in every episode of this podcast . All the episodes of this podcast are solemnly dedicated to all the lovers just as the cycle of love never ends in the same way these love lyrics episode will move on,…
More from DHADKANE MERI SUN All episodes →
-
S4 · E26 · 26 Jan 2026 · 21 min
Tera vada
तूने कहा था..... रस्मों में तू रिवाजों में तू तू ही कसम इरादों में तू धड़कन धड़कन साँसे भी तेरी ....फिर भी भुला दिया तूने रुला दिया तूने वफाओं का ये कैसा सिला दिया तूने...... जबकि...तूने कहा था...कि... .....कुछ भी नहीं पूरा बिन तेरे बिन तेरे जीवन मेरा आधा बेशक, मैं थोड़ी सी तुझमे पर ,मुझमें तू "रब" से भी ज्यादा .....फिर क्या हुआ तेरा वादा...
-
S4 · E25 · 15 Jan 2026 · 26 min
Tujhe bhulna to chaha
सिखाया वक़्त ने जीना सब्र और गम को भी पीना मगर जहाँ भी जिक्र तेरा आया वहां हम सब लुटा आये तुझे भूलना तो चाहा लेकिन भुला ना पाए...
-
S4 · E24 · 5 Jan 2026 · 23 min
first love at first sight
मेहरबां हुआ वक़्त और हसरतें भी लम्हा लम्हा चाहतों में टूटी सरहदें भी रतजगों में बीती ना जाने कितनी रातें दिन के उजालों में बेहिसाब बातेँ बातेँ करार की और इक़रार की पहली नजर के पहले प्यार की....
-
S4 · E23 · 29 Dec 2025 · 15 min
silsila pyaar ka (New Year's special)
क्या हुआ जो इस बरस भी आरजू ए मोहब्बत पूरी ना हो सकी .... क्या हुआ जो दरमियाँ उसके और तुम्हारे खत्म दूरी ना हो सकी ... इश्क़ तो है ना तुम्हें उससे और उम्मीदे वफा भी... इसलिए सब्र करो वो दौर भी आयेगा... जब होगा मेहरबां वक़्त भी और महबूब भी दौड़ा चला आयेगा... इसलिए ना हो उदास, ना डूबो गम के अँधेरों में... ये मिजाज ए हुस्न है पल पल बदलता रहेगा, ये सिलसिला है प्यार का चलता रहेगा....
-
S4 · E20 · 28 Dec 2025 · 18 min
Teri marzi
वो लम्हे जो दर्द थे तेरा वो लम्हे जो फर्ज थे मेरा निभाये जो आँसुओं की धार में वो लम्हे जो मुझपे कर्ज़ थे तेरा.... मगर कह के एहसां , जता दिया तूने अपनों की फ़ेहरिस्त से हटा दिया तूने हुस्न और इश्क़ की जद्दोजहद में मैं गैर हूँ तल्ख लहजे में बता दिया तूने... फिर भी मैं दहकता रहा उसी आग में गाता रहा तुझी को ग़मों के साज़ में घुटता रहा- मरता रहा- रहा फिर भी जिंदा पुकारता ही रहा दिल की हर आवाज में मगर तूने नहीं समझी मेरी चाहत मेरी मर्जी गुरूर ए हुस्न में अपने सुनी ना दिल की एक अर्जी तेरी मर्जी...तेरी मर्जी...तेरी मर्ज़ी
-
S4 · E21 · 4 Dec 2025 · 32 min
Mai aur meri tanhai
तेरी यादों में जलकर ये अहसास हुआ कि आग हो या प्यास...पानी से नहीं बुझती.... इसलिए ...मैं और मेरी तन्हाई...अक्सर ये बातेँ करते हैं कि... तुम होतीं ... तो कभी आँखों से पीते, कभी लबों से पीते... पैमाने मोहब्बतों वाले... हर ज़ाम में तेरी प्यास होती, हर घूंट में तेरी खुशबू हम घूंट- घूंट पीते पैमाने... मोहब्बतों वाले..... तुम होतीं... तो हर रात ये चांद भी मुस्कुराता, हम पे चाँदनी लुटाता हर सुबह होता जिक्र हर गुज़री रात का हर जज्ब हममे ढल जाता... तुम होतीं..तो हवाएं भी हंसती फिज़ायें कदमों की आहट से बजतीं हर मौसम तुम्हारे इशारों पे ठहर जाता और आलम-ए- तन्हाई मुक्कमल हो जाता तुम होतीं..तो मेरे मन के…
-
S4 · E19 · 30 Oct 2025 · 17 min
Gum hai kisi ke pyar mein
सुनो...लौट आओगी क्या पुनः मिलकर वही कहानी दोहराओगी क्या पुनः वैसी ही हसीन शामों में प्यार के वैसे ही नगमें गुनगुनाओगी क्या पुनः लहरा के आंचल वो मोहब्बतों वाले फैलाके दामन वो शिद्दतों वाले रातों में नींद से जगाओगी क्या पुनः जानती हो... ये आंखे तरसती हैं आज भी तुम्हारे ही इंतजार में ये दिल ये पागल दिल मेरा आज भी गुम है तुम्हारे ही प्यार में...
-
S4 · E18 · 9 Oct 2025 · 19 min
ISHQ : ek kashish - ek khalish
Tu hi subaha thi, tu hi shaam thi har raat k hr lamhe ka armaan thi aati jati hr saans me teri aahten thi do pal ki baaton me badi raahten thi teri dil nawaji ka mujhe bada guman tha Jism tha, aag thi, hr chhuan me ek dhuaan tha Ishq k mausam me Ishq jawaan tha Vo subha vo shaam...raaton k vo haseen armaan Vo husn murtaza vo lafz bejubaan Vo chhuan vo dhuan vo kashish vo tapish... tumhe haasil na kr pane vo khalish aaj bhi yaad hai mujhe...
-
S4 · E17 · 2 Oct 2025 · 30 min
Tumhare jane ke bad...
Tumhare jane k bad... Maine jana...ki prano k rahte hue bhi mrat ho jana.....kiya hota hai Jab chali gai tum mukt hokar iss jahan se...tab... tab maine jana ...ki jism se jaan ka chale jana...fir bhi jinda rahne ka abhinaya karna....kiya hota hai.. Yah sb maine jana... Tumhare jane k bad...
-
S4 · E13 · 17 Sep 2025 · 21 min
SAIYAARA.... I love for ever - I love end ever
तू मुझमें और मैं तुझमे हूँ ख्वाब मेरा तू - मैं उसमें हूँ वादों में हूँ - इरादों में हूँ तू क्या जाने - किस किस में हूँ कब मिलेंगे - कहाँ मिलेंगे वक़्त का पहिया घूम रहा है दूर गगन में - अपनी मगन में दिल....SAIYAARA ....ढूँढ़ रहा है ...I
