Episode notes
Who was Talbot Mundy? How is he associated with THE NINE UNKNOWN Ashoka formed the nine unknowns? Illuminati is real? How knowledge should be perceived? A special episode for writers! listen: share: rate: connect: @indiaunveiledpodcast@gmail.com Insta: @indiaunveiled.podcast @me.rakeshh
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हैलो एंड वेलकम बेक टु इंडिया अनवेल्ड पोडकास्ट अगर आप हमारे पिछले एपिसोड को याद करें, तो हमने समझा कि अशोक कौन थे और कैसे उन्होंने दी नाइन अननोन जैसी एक मिस्टीरियस सीक्रेट सोसाइटी बनाई। आज हम उस से एक कदम आगे बढ़ते हैं वो कदम जहाँ से अशोक की कहानी फिक्शन की दुनिया में उतर गई। और एक इंग्लिश रैटर के कदम से दुनिया तक पहुंची तलबोट मंडी ये नाम आपने सुना होगा और अगर नहीं सुना तो आज हम इन्हीं के बारे में बात करने वाले हैं। आज हम इनके जीवन के उनहेर्त् चप्टर, उनके ट्रैवल्स के एक्सपीरियंसेस और कैसे उन्होंने एक एड्वेंचर को मिस्टिसिस्म के साथ मिलाकर अपनी बुक्स को एक ऐसे राज़ से भर दिया जो लोगों को हैरान करता है। तो चलिए अपनी इमेजिनेशन के इंजन को स्टार्ट कीजिए क्योंकि आज हम मंडे के सफर को अपने नज़रिए से देखेंगे। उनका बचपन। उनका भारत का सफर और दी। नाइन अननोन का क्रियेशन सो लेटस दिवेन। मंडे का जन्म एयठीन 79 में इंग्लैंड में हुआ था। एक ऐसा लड़का जो इंग्लैंड के एक छोटे से शहर में बड़ा हुआ। एक ऐसे दौर में जब दुनिया बदल रही थी, बचपन से ही उनकी क्यूरियोसिटी और दुनिया को समझने की इच्छा। उन्हें सबसे अलग बना दी थी। हम बात कर रहे है नाइन्टीन्थ सेंचुरी इंग्लैंड की, जहाँ एक तरफ विक्टोरिया सोसाइटी अपने हाई मोराल और रूल्स को फॉलो करती थी और दूसरी तरफ दुनिया के नए नए
पार्ट्स को अपने एम्पायर के अंदर लाती जा रही थी। मंडी का अक्चवल नाम विलियम लिन्कास्टर गृबोन था। जैसे जैसे उनकी लाइफ में ट्विस्ट एंड टर्न्स आते गए, उन्होंने अपना नाम बदल कर के नाम से लिखना शुरू कर दिया। मंडी के दरिया इंग्लैंड के अंदर घुटने वाली थी। वो विक्टोरिया रूल से परेशान थे, जो उन्हें एक सफर पर ले गया। मंडी ने अपनी पहली जॉब छोड़ी सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्हें मोनोटोनी से नफरत थी। मंडे अपने फैम्ली एक्स्पेक्टेशन से भाग गए। सिर्फ अपने दिल के सुनने के लिए उन्होंने इंग्लैंड से अफ्रीका और इंडिया का सफर किया और दोस्तों ये सफर एक फिजिकल जर्नी नहीं थी। ये एक अंदर से बदलने की जर्नी थी, जिसमे मंडी को एक नई दुनिया मिली, जिसमें कल्चर, रिलिजन और मिस्टिसिस्म की बातें थी। जब मंदी इंडिया में आए तो उन्होंने वहाँ के साधु सन्यासी और उनके मिस्टिकल लाइफ को देखा। मंदी जो एक लॉजिकल और वेस्टर्न एजुकेशन वाले थे, उन्होंने पहली बार देखा कि स्पिरिचुअलिटी सिर्फ एक फिलॉसोफी नहीं है बल्कि एक जिंदा एक्सपीरियंस थी। मंदी के लिए ये एक शौक था। एक रिवेलेशन था इंडिया। अपने कलर्स अपने बाजार अपनी धार्मिक संस्कृति के साथ मंडे को अंदर से बदल रहा था। जब आप किसी जगह की धरती पर पहली बार अपना कदम रखते हो तो आप अपने साथ अपने सोच का एक पूरा भंडार लेकर आते हो, मगर जब आप वहाँ के
विचार वहाँ के राज़ और स्पिरिचुअलिटी में डूब जाते हो। तब आप बदलने लगते हो। मंडे के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उन्होंने अपनी कल्पना को एनशिएंट फिलॉसोफीस के साथ मिला दिया, जो उन्होंने अपने सफर के दौरान सीखी थी। कोलोनियल द्वार का एक बड़ा पैराडॉक्स था। ब्रिटिश लोग इंडिया पर रूल करते थे मगर उनके लिए ये जमीन एक मिस्ट्री थी। वेस्टर्न को ईस्टर्न स्पिरिचुअलिटी एक पज़ल लगती थी। एक ऐसा राज़ जो दुनिया को समझ में नहीं आता था। मंडी ने यही देख लिया था। उनके लिए ईस्ट एक एड्वेंचर था लेकिन एक स्पिरिचुअल जर्नी भी थी। मगर एक सवाल आपको हमेशा चुबेगा क्यों?
वेस्ट को ईस्ट इतना रहस्यमय लगता था? मंडी ने अपनी किताबों में इन्हीं क्वेश्चन्स को एक्सप्लोर किया। ब्रिटिशर्स को सिर्फ राज़ नहीं करना था। उन्हें समझना था कि कैसे इंडिया अपनी हिस्टरी को इतनी गहराई से संभाल कर रखा है और ये ऐडिया मंडी के दी नाइन अननोन मैं बार बार दिखाई देता है। टलबोट मंडी ने अपनी वर्क के जरिए एक ऐसी दुनिया का दरवाजा खोला। जिसमें आपको एक एड्वेंचर मिलता है लेकिन साथ साथ में स्पिरिचुअलिटी और मिस्ट्री के रहस्यमय सिंबल्स भी मिलते है। उनका लिखने का स्टाइल एक मिस्टिकल एक्सपीरियंस था, जो कोलोनियल पॉलिटिक्स और वेस्टर्न फैसिनेशन को भी समझने की कोशिश करता था। अब हम आते है उस मास्टर पीस की तरफ जिसने को इम्मोर्टल कर दिया। दी नाइन अन्नोन ये कहानी अशोक की लगेसी को लेकर चलती है। जीस में साइंस, मैजिक और को एक दूसरे से मिलाया गया है। पर एक सवाल जो हमेशा हर रीडर के मन में आता है दी नाइन अन्नोन क्या एक फिक्शनल कहानी है या सच का एक हिस्सा? मंदिर ने इस कहानी को लिखने के लिए सिर्फ अपनी इमेजिनेशन का सहारा नहीं लिया था। उन्होंने हिस्टोरिकल रिसर्च भी की थी, जो आज तक रीडर्स को मिस करती है। मंदिर के लिखने का एक तरीका था वो रियल और अनरियल के बीच एक पतला सा बाउंडरी बना देते थे। मंडे के रीडर्स को हर पर ये डाउट होता था की क्या वो एक सच्ची
कहानी पढ़ रहे है या सिर्फ एक कल्पना? यही सस्पेंस मंडे के स्टोरीज़ को ज्यादा इंटरेस्टिंग रखता है। दी नाइन अननोन एक ऐसी किताब है जिसमें सिर्फ एड्वेंचर नहीं है बल्कि डीप सीक्रेट्स ऑफ़ नॉलेज भी है। साइंस, स्पिरिचुअलिस्म और मिस्ट्री। जो कभी फुल्ली सॉल्व नहीं हुई। जैसा की हमने पिछले एपिसोड में भी सुना था। अगर हम आज के एड्वेंचर ऑर मिस्टिकल फिक्शन की बात करें तो मंडी का असर हर जगह दिखाई देता है। चाहे इंडियाना जोन्स हो या दद्दाविंशिकोट मंडी के राइटिंग्स ने एक ऐसा टेम्पलेट बनाया है जिसमें हिस्टरी एड्वेंचर ऑर मिस्ट्री एक साथ लाया गया है। बनने के बाद बहुत राइटर्स ने अपनी स्टोरीज़ को अननोन या हिडन नॉलेज की थीम्स पर बेस किया। उनका ये स्टाइल रीडर्स को कहानी के रूप में सिर्फ दुनिया के राज़ बताने का नहीं है, बल्कि उन्हें चैलेंज करते हैं कि वो अपने अंदर के राज़ को भी समझने की कोशिश करें। भारत में नाइन्टीन्थ सेंचुरी के दौरान काफी चर्चे हुए की अशोक के दौरान कुछ ऐसी सीक्रेट सोसाइटी बनी थी जो अडवांस्ड नॉलेज को अपने पास रखते थे जैसे साइंस अल्कमी और वो स्ट्रेटेजीज और नॉलेज। ये सोसाइटी को लगता था कि अगर ये नॉलेज दुनिया में किसी के हाथ लग गया तो दुनिया खतरनाक बन जाएगी। अशोक जैसे एम्परर का ऐसा डिसीजन कहीं ना कहीं समझ में आता है।
उन्होंने कलिंग के बाद वॉर को हमेशा के लिए छोड़ दिया था। वो कभी लड़ाई नहीं किया और शायद उन्हें लगा कि इंसान की डिस्ट्रक्टिव नॉलेज को एक जगह रोक कर रखा जाए। मंडी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने भारत में स्पिरिचुअलिटी को समझने के बाद लिखना शुरू किया। मंडी ने ये देखा कि भारत के स्पिरिचुअलिटी में एक डेप्थ थी जो वेस्टर्न थॉट के लिए उन इमैजिनबल थी। वो ऐसे समय में इंडिया में आए जब ब्रिटिश राज़ अपने हाइट पर था। ब्रिटिश लोग स्पिरिचुअलिटी को समझ नहीं पाते थे, पर मंडी का नजर यहाँ रखा। उन्होंने इंडिया के स्पिरिचुअलिटी को, उसकी डायवर्सिटी को और उसके राजों को। अपनी राइटिंग में समेट दिया। हिस्टरी में ऐसे काफी एग्ज़ैम्पल्स है जहाँ सीक्रेट सोसाइटी, लॉस्ट लाइब्रेरीज़ और छुपी हुई बुक्स की बात होती है जो दुनिया के सबसे बड़े ट्रुथ को छुपाए रखी है। चाहे वो एनशिएंट लॉस्ट स्क्रॉल्स हो या वैटिकन का सीक्रेट आर्काइज़ या नालंदा यूनिवर्सिटी। ये कॉन्सेप्ट मंडी के टाइम से लेकर आज तक लोगों की इमेजिन नेशन में जिंदा है। मंडी के का कॉन्सेप्ट एक मॉडर्न मिथ बन गया है। आज भी कई कॉन्स्पिरेसी थियरीज ये कहती हैं अशोक के टाइम के जो लोग थे उनकी लिनेयगे अब भी उन हिडन नॉलेज को संभाल कर रखे हुए हैं। क्नॉइस अक्सर एड्वेंचर फिक्शन में
वीमेन का रोल सेकेंडरी होता है, लेकिन मंडी ने इस ट्रेंड का चैलेंज किया। उन्होंने अपनी कहानियों में स्ट्रांग फीमेल करैक्टर्स को इंट्रोड्यूस किया। उनका पोर्ट्रियल कभी भी स्टीरियो टिपिकल नहीं था। वो इंटेलीजेंट रिसोर्स और कॉम्प्लेक्स थे। करैक्टर्स जैसे की रानी ऑफ़ काशी और एस युअर फीमेल फिगर्स। मंडी की कहानियों में पिवटल रोल्स निभाते थे। ये कैरेक्टर्स ना सिर्फ मेल प्रोटार्गेनिस्ट्स को चैलेंज करते थे बल्कि कहानियों में डेप्त और नुयांस भी लेके आते थे। मंडी ने ये दिखाया कि वीमेन भी एड्वेंचर ऑर नॉलेज के दुनिया का एक इम्पोर्टेन्ट हिस्सा है क्नॉइस। मंडे का काम और उनकी कहानियों में ईस्टर्न फिलोसोफीस का प्रभाव देखना बहुत इंटरेस्टिंग है। उन्होंने बुद्धिस्म हिंदुइस और योग के कॉन्सेप्ट को भी अपने नैरेटिव में इन्कोर्पोरेट किया। ये एलिमेंट्स सिर्फ सरफेस लेवल पर नहीं है, बल्कि उनकी कहानियों का एक इंटीग्रल पार्ट है। मंडी का इन्फ्लुयेन्स सिर्फ लिटरेचर तक नहीं बल्कि उनकी कहानियों ने मॉडर्न मीडिया को भी इन्सपैर किया। आज के फ़िल्म मेकर्स और स्क्रीन राइटर्स काफी हद तक मंडी के आइडियास से प्रभावित हुए है। फिल्म्स जैसे टॉम रीडर और सीरीज जैसे लॉस्ट ने भी मंडी के एड्वेंचर और मिस्टिसिस्म को इन्कॉर्पोरेट किया। क्या आपने कभी सोचा है की ऐसे करैक्टर्स क्यूँ बनते है जो हिडन
नॉलेज को ढूंढ़ते है? ये सब मंडे के कंसेप्शनल फ्रेमवर्क से ही शुरू होता है। मंडे के कॉन्सेप्ट ऑफ़ हिडन सोसाइटी सीक्रेट नॉलेज और मिस्टिकल एड्वेंचर ने पॉप कल्चर को एक नैरेटिव डिफैन किया। आज भी जब हम किसी मूवी या सीरीज को देखते है, जहाँ मिस्ट्री और एड्वेंचर होती है। तो हम मंडी के इन्फ्लुयेन्स को महसूस करते हैं। आज की दुनिया में मंडी के थीम्स और आइडियास रिलेवन्स और भी बढ़ गया है। नॉलेज का पावर टेक्नोलॉजी का इम्पैक्ट और इंसानियत के ऊपर रिस्पांसिबिलिटी ये सब इश्यूस आज भी हमारे सामने है। मंडी ने हमेशा ये चैलेंज दिया है की क्या हम अपने पास रखी नॉलेज को रेस्पोंसिबल तरीके से यूज़ कर रहे है? क्या हम हिडन ट्रूथ्स को समझने की कोशिश कर रहे है? या हम सिर्फ सुपरफिशियल इन्फॉर्मेशन तक सीमित है? मंडी का काम सिर्फ एक हिस्टोरिकल रिफरेन्स नहीं बल्कि एक गाइड भी है जो सीखाता है। ये नॉलेज को कैसे एक्सप्लोर करना है?
आप कैसे अपने अंदर झांक सकते हो और अपने आप को एक्सप्लोर कर सकते हो और आपने अगर अपने आपको एक्सप्लोर कर लिया तो 19% ऑफ़ दी वर्ल्ड आप एक्सप्लोर कर ही लोगे। वो हम इंस्पायर करते हैं कि हम भी खुद से क्वेश्चन्स पूछे और सीखे क्नॉइस। मंडी ने अपनी कहानियों में विविड इमेजरी और डिटेल्ड डिस्क्रिप्षन का इस्तेमाल किया। उनकी कहानियों का हर कैरेक्टर, हर लोकेशन और हर इवेंट ऐसा लगता है जैसे वो रियल लाइफ से उठाए गए। ये टेकनिक उनकी कहानियों को और ज्यादा एंगेजिंग और इमोसिव बनाती है। क्या आपने कभी दी सीक्रेट ऑफ़ डिज़र्ट पढ़ी है? वहाँ की सैंड दुएन्स और ओएसिस के डिस्क्रिप्षन आपको ऐसा फील कराएगी मैडम आप खुद वहीं पहुँच गया। मंडी ने डायलॉग राइटिंग में भी अपना एक यूनिक स्टाइल डेवलॅप किया। उन्होंने कैरेक्टर्स के बीच के कन्वर्सेशन्स को इतना नैचुरल और रीलेटबल बनाया। की रीडर्स को लगता था जैसे वो भी उन कन्वर्सेशन्स का ही हिस्सा है। ये टेकनिक उनके स्टोरी टेलिंग को और भी इम्पैक्टफुल बनाता है। उनके पॉपुलर किताबों के अलावा उनके कुछ लेसर नोन वर्क्स भी है जो उनके राइटिंग स्टाइल और फिलॉसोफी को रिफ्लेक्ट करती है। जैसे किंग ऑफ़ दी खायबर राइफल्स, जो उन्होंने 1916 में लिखी थी। इसमें उन्होंने ब्रिटिश इंडियन आर्मी के सोल्जर्स के एड्वेंचर और
उनके मोरल डिलेमास को एक्सप्लोर किया। दूसरी है दी वैल्यू ऑफ़ दी किंग जो ईजिप्ट की एनशिएंट हिस्टरी और मिस्ट्रीज़ को दिखाती है। ये किताब उनके ट्रैवेल एक्सपीरियंसेस और रिसर्च का रिसाल्ट है, जहाँ उन्होंने एनशिएंट ईजिप्ट के रस को अनकवर करने की कोशिश की। मंडी की ये लेसर नोन वर्क्स उनकी ओवरआल लिटरेरी लेगेसी का एक इम्पोर्टेन्ट हिस्सा है। जब ये अपने राइटिंग करियर की शुरुआत कर रहे थे, उस समय दुनिया के जियोपोलिटिकल लैंडस्केप में बहुत चेंजस हो रहे थे। ब्रिटिश कोलोनियलिज्म वर्ल्ड वॉर वॅन और कल्चरल एक्स्चेंजर्स ने उनकी राइटिंग को प्रोफाउंडली इन्फ्लुयेन्स किया। मंडी के समय में ब्रिटिश एम्पायर अपने पीक पर था और उनका भारत के साथ रिश्ता कॉम्प्लेक्स था। वो एक तरफ कोलोनियल पावर्स को रिप्रेसेंट करते रहे जबकि दूसरी तरफ उन्होंने इंडियन कल्चर और स्पिरिचुअलिटी का डीप अप्रीशीएशन दिखाया। इस कॉंट्रास्ट ने उनकी कहानियों में एक द्वालिटी क्रियेट की। जो रीडर्स को काफी कुछ सोचने पे मजबूर करती थी। ये सोसियो पोलिटिकल कॉन्टेक्स्ट उनकी कहानियों में भी दिखता है। दी नाइन एंड नो जैसा वर्क्स में मंडी ने कोलोनियल ऐटिट्यूड, कल्चरल अपोप्रिएशन और नॉलेज के यूज़ को चैलेंज किया है। उनकी कहानियों सिर्फ एड्वेंचर नहीं बल्कि क्रिटिकल कमेंट्री है। जो उनके समय की सोशल इश्यूस को
हैलैट करती है। इनका स्टाइल सिर्फ इंडियन कल्चर से नहीं बल्कि पूरे ईस्टर्न लिटरेचर से इन्सपायर है। उन्होंने पर्जियन ऐराबिक चाइनीज टेक्स्ट का भी ज्ञान दिया जो उनकी राइटिंग्स को और भी एनरिच्द् बनाता है। क्नॉइस उनकी कहानियों में कई बार ऐसे एलिमेंट्स का जिक्र हुआ है जो ईस्टर्न ऋअबेल्स और फोर क्रोर्स से जुड़े होते है। अगर आप दी एलिफेंट गॉड पढ़ेंगे। इसमें मंडी ने हिंदू माइथोलॉजी को इन्क्लूड किया है और कैसे उनकी कहानियों में एनशिएंट विस्डम ऑर मॉडर्न एड्वेंचर को मिला दिया है ये दिखाया गया। मंडी ने ये दिखाया की लिटरेचर एक ऐसी जर्नी है जो कल्चर्स और ट्रेडिशन्स को क्रॉस करती है। उनके काम में ईस्टर्न और वेस्टर्न लिटरेचर का एक यूनिक फ्यूज़न है, जो उनकी स्टोरी टेलिंग को और भी पावरफुल बनाता है। आज हम इन्फॉर्मेशन एज में जी रहे है जहाँ नॉलेज को कैसे अक्सेस और यूज़ किया जाता है, ये सबसे बड़ा चैलेंज है। मंडी का ये मैसेज हमेशा याद रखना चाहिए कि नॉलेज का यूज़ इंसानियत की भलाई के लिए होना चाहिए। मंडी का पर्सनल बिलीफ सिस्टम उनकी राइटिंग्स में अच्छे से दिखता है। उन्होंने स्पिरिचुअलिटी को एक इम्पोर्टेन्ट एलिमेंट के रूप में समझाया है। उन्होंने अपने लाइफ में भले ही काफी स्ट्रगल्स देखे पर। उन्होंने हमेशा पाजिटिविटी और होप
को अपने मैसेजस में इन्क्लूड किया। उनका ये मानना था कि लाइफ की हर चैलेंज एक लर्निंग ऑपर्च्युनिटी होती है। ये फिलॉसोफी सिर्फ उनकी कहानियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये उनका पर्सनल मंत्र भी था। मंडी ने अपने एक्सपीरियंस से सीखा। और उन्हें अपनी कहानियों में इंटिग्रेट किया। आज के लिसनर्स के लिए ये एक इम्पोर्टेन्ट लेसन है कि हर एक्सपीरियंस चाहे वो कितना भी मुश्किल क्यों ना हो, कितना भी खराब क्यों ना हो। एक लेसन होता ही है, अगर आप उसे उस नजरिये से देखा मंडे ने अपने काम में सिम्बोलिज़्म का इस्तेमाल किया। जो उनकी कहानियों को और भी लाएरेड बनाता है। ये सिंबलिज़म उनकी कहानियों के थीम्स और मैसेजस को बेहतर समझने में मदद करता है। हर एक सिंबल, एक डीपर मीनिंग को रिप्रेसेंट करता है जो रीडर्स को सोचने पे मजबूर करता है। जैसे की दी नाइन अननोन में। मंडी में नाइन का नंबर सिर्फ एक ग्रुप का रिप्रजेंटेशन नहीं बल्कि नॉलेज। और उसके रेस्पोंसिबिलिटीस का सिंबल भी बनाया। हर अननोन का एक अलग पर्सपेक्टिव है जो इंसानी समझ और उसकी लिमिटेशंस को दिखाता है। ये सिंबल सिर्फ कहानी को एनरिच नहीं करते बल्कि रीडर्स को भी इस एक्सप्लोरेशन में शामिल करते है। उन्होंने इस तरह से नॉलेज की कॉम्प्लेक्सिटी को दिखाया और ये भी बताया कि हर नॉलेज का एक एथिकल
डायमेंशन भी होता है। इसके अलावा मंदी की कहानियों में नेचर भी एक इम्पोर्टेन्ट सिंबल है। नेचर की ब्यूटी और ब्रुटालिटी दोनों को उन्होंने हैलैट किया है, जो करैक्टर्स के इंटरनल स्ट्रगल्स का रिफ्लेक्शन है। जब करैक्टर्स नेचर के चैलेंजेस से जूझते हैं तो ये उनकी खुद की ऐडेंटिटी और उनके बिलीफ्स का भी एक एग्ज़ैमनेशन होता है। मंडी की राइटिंग पर बहुत सारे फिलॉसोफिकल इन्फ्लुएंसेस है जैसे की फ्रेडरिक, नीच की एग्ज़िस्टन्तिअलिस्म, ईस्टर्न फिलोसोफीस जैसे बुद्धिस्म और हिंदुइस और इवन सम वेस्टर्न मिस्टिक्स। उन्होंने फिलोसोफीस को अपने नैरेटिव में बहुत अच्छे से इन्कॉर्पोरेट किया, जिससे उनकी कहानियों ना सिर्फ एंटरटेनिंग बन गयी, बल्कि थॉट प्रोवोकिंग भी बनी। ये इन्फ्लुएंसेस उनके करैक्टर्स के डिलेमर्स और उनके डिसीजंस को समझने में काफी हेल्प करते है। मंडी की लिखी एक बुक है दी मैन हूँ न्यू। इस किताब में मंडी ने अक्जिस्टेंशियल क्वेश्चन्स को एक्सप्लोर किया है। जैसे की नॉलेज की नेचर पावर का इस्तेमाल और मोरल रेस्पोंसिबिलिटीस। ये सब थीम्स उनकी राइटिंग को टाइमलेस बनाती है क्योंकि आज भी ये क्वेश्चन्स हमारे लिए रेलेवेंट है। तलबोट, मंडी की लाइफ और राइटिंग का एक इम्पोर्टेन्ट एस्पेक्ट उनका रिलेशनशिप कोलोनियलिस्म भी है। उन्होंने ब्रिटिश कोलोनियल पावर
को रिप्रेसेंट किया, लेकिन साथ ही उन्होंने ईस्टर्न कल्चर्स की तरफ रिस्पेक्ट भी दिखाई। जैसा की मैंने पहले भी बताया ये ड्वालिटी उनकी राइटिंग्स को कॉम्प्लेक्स बनाती है। जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते है, वैसे ही इनके कहानियों के भी दो पहलू होते है। इनके कहानियों में कोलोनियल ऐटिट्यूड का एनालिसिस भी होता है। उन्होंने ऐसे करैक्टर्स क्रियेट किए, जो अपने कल्चरल बैकग्राउंड से इन्फ्लुयेन्स होते है और इस प्रकार कोलोनियल माइंडसेट को चैलेंज करते है। दी। नाइन अननोन किताब में उन्होंने नॉलेज को एक पावरफुल वेपन के रूप में दिखाया है, जो एक कम्यूनिटी तक सीमित है बल्कि ह्युमानिटी के लिए बेनेफिशियल हो सकता है। ये कहानियों हमें ये सोचने पे मजबूर करती है की नॉलेज का यूज़ कैसा होना चाहिए? मंडी ने ये बताया कि नॉलेज सिर्फ एक प्रिविलेज नहीं बल्कि एक रिस्पांसिबिलिटी है। मंडी के राइटिंग्स में एक स्पिरिचुअल जर्नी होती है। उनके करैक्टर्स अक्सर एक्सटर्नल चैलेंजर से जूझते हैं, लेकिन उनका असली स्ट्रगल इंटरनल होता है। ड्वालिटी उनकी स्टोरी टेलिंग का कोर है। जैसे ही करैक्टर्स फिजिकल लैंडस्केप में एड्वेंचर करते हैं, वैसे ही वो अपने इन्नर डीमन से भी जूझते है। इस ऑब्जेक्टिव सिर्फ ट्रेजर या नॉलेज का अक्विज़िशॅन नहीं है, बल्कि सेल्फ डिस्कवरी और ग्रोथ
है। दी नाइन अननोन में हम देखते हैं कि कैसे करैक्टर्स अपने बिलीव्स और वैल्यूज को चैलेंज करते हैं। और अपने आपको समझाते है। उन्होंने हमेशा ये क्वेश्चन किया है कि क्या सही है और क्या गलत है और कैसे पावर का इस्तेमाल इंसानियत के लिए बेनेफिशियल हो सकता है। उन्होंने खुद के करैक्टर्स के थ्रू ये थीम्स को एक्सप्लोर किया। उनके करैक्टर्स अक्सर ऐसे सीटुएशन्स में होते है जहाँ उन्हें अपने अक्शॅन के कोन्सिक्वेन्सेस का सामना करना पड़ता है। ये आज के समय में बहुत रेलेवेंट है। हमारे सोसाइटी में भी ऐसे कई इश्यूस है जहाँ मोरल डिसीजंस काफी जरूरी होता है। मंडी की राइटिंग्स हमें याद दिलाती है कि हमें अपने अक्शन्स के रेपर्केशन्स को समझना चाहिए। अगर कोई राइटर ऐसा सुन रहा है तो अपनी राइटिंग स्टाइल में मंडी के कुछ एलिमेंट्स लाइए। जैसे मंडी की कहानियों में खास बात ये थी की उन्होंने अपने करैक्टर्स को रियलिस्टिक बनाया, जिसे उनकी स्ट्रगल्स और ट्राइम्स रीडर की लाइफ से आसानी से कनेक्ट हो सकती है। तो आज आप जो भी लिखे अपने करैक्टर्स को कुछ फ्लॉज़ ऑर कॉम्प्लेक्सिटीज़ देकर उन्हें जिंदा बना सकते हैं। उनके डेवलपमेंट पर ध्यान दें। उनके स्ट्रगल्स उनके ट्राइम्ज़ मेजोरिटी ऑफ़ ऑडिएंस से रीलेट होनी चाहिए ताकि और एमोरसिव स्टोरी बन पाए। जैसे कि मैंने बताया कि उनके
राइटिंग्स में नेचर का एक बहुत खास रोल होता था। इस अप्रोच से उन्होंने ये दिखाया है दी नाइन अननोन में। की नेचर सिर्फ बैकड्रॉप नहीं है, बल्कि कहानी का इंटीग्रल पार्ट है। इस बुक में उन्होंने हिमालय की शान और उनकी मजेस्टिक सिर्फ सेट्टिंग नहीं किया है। ये करैक्टर्स के इंटरनल स्ट्रगल्स का रिफ्लेक्शन दिखाया गया है। मंडी ने बताया कि कैसे नेचुरल एलिमेंट्स चाहे वो एक खतरनाक स्टॉर्म हो। एक्सरीन लैंडस्केप करैक्टर्स के डिसीजंस और उनके एमोशनल स्टेटस को अफेक्ट करते है। नेचर का ये डिपिक्शन उनकी कहानियों को एक यूनिक ऐडेंटिटी देता है। मंडी ने दिखाया है कि एड्वेंचर का मतलब सिर्फ फिजिकल चैलेंजेस नहीं, बल्कि उन मोमेंट्स से भी है जब करैक्टर्स नेचर के साथ कनेक्ट करते है। जैसे की इंतियाज अली की मूवीज़ में होता है, आज के समय में भी जैसे हम नेचर से दूर होते जा रहे है। मंडी की कहानियों हमें याद दिलाती है की नेचर का कितना वैल्यू है। अगर आप लिटरेचर के शौकीन है तो आप भी मंडी के काम को एक्सप्लोर कर सकते है। एक इंटरेस्टिंग जर्नी हो सकती है क्नॉइस जहाँ आप उनके काम की गहराइयों में जा सकते हैं, सीख सकते हैं। उनकी कोई भी किताब अगर आपको चाहिए हो तो आप मुझे मेल कर सकते हैं। मुझे इंस्टाग्राम पर टेक्स्ट कर सकते हैं। मैं लिंक्स भेज सकता हूँ आपको
किताबों के रैटर्स जैसे जी आरआर और हेच पी लव क्रॅफ्ट में भी इन थीम्स को अपने काम में यूज़ किया है। मंडी की कहानियों इस बात का प्रूफ है कि कैसे एक स्ट्रांग नैरेटिव के साथ यूनिक आइडियास को ब्लेंड करके आप एक कंपेलिंग स्टोरी क्रियेट कर सकते है। आज के इस एपिसोड में हमने तलबोट मंडी के कुछ पहनों को एक्सप्लोर किया और जाना की कैसे उनका काम सिर्फ एक हिस्टोरिकल आर्टिफैक्ट नहीं बल्कि एक लिविंग लीगेसी है, जो आज भी लोगों को इन्सपायर करता है। आई होप ये एपिसोड आपको पसंद आया होगा। ये ज्यादा रीलेटबल अक्चवली होगा। रीडर्स ऑर राइटर्स के लिए चुटिलबोट मंडी को जानते है जो उनका काम पढ़ चूके है, देख चूके है आई होप आपको कुछ नया सीखने मिला होगा क्नॉइस और ऐसे ही इंटरेस्टिंग नॉलेजबल एपिसोड्स के लिए आप एपिसोड लिस्ट में एक्सप्लोर कर सकते हो की आपको क्या सुनना है और आप सजेस्ट कर सकते हो मुझे की आप अगला क्या सुनना चाहते हो?
सो मैं आपसे मिलता हूँ। अगले एपिसोड में टिल देन टेक गुड की ऑफ युअर हेल्त थिस इस राकेश साइनिंग अप फ्रम इंडिया अनवेल्ड थैंक यू फॉर लिसनिंग
Transcript supplied by the publisher with the episode.
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6 Oct 2026 · 14 min
NEEM KAROLI BABA STORY | HANUMAN ANSH
Neem Karoli Baba: The Mystery Behind the Saint Who Changed Lives Who was Neem Karoli Baba — the mysterious saint whose name became associated with miracles, devotion, and extraordinary transformations? From the hills of Kainchi to devotees across the world, Neem Karoli Baba’s story is filled with fascinating encounters, unexplained experiences, powerful teachings, and stories that continue to inspire millions. In this episode of India Unveiled , we explore the life and legend of Neem Karoli Baba — his early years, Kainchi Dham, his teachings, the stories of his devotees, and the mystery…
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18 Sep 2026 · 40 min
HISTORY OF RAJASTHAN | RAJASTHAN HISTORY
RAJASTHAN: The Story Before the Rajputs | Part 1 Before the forts. Before the Rajputs. Before Maharana Pratap, the Mughals and the legendary battles… What was Rajasthan actually like thousands of years ago? In Part 1 of this 3-part series on the History of Rajasthan , we travel deep into the ancient past of the land we now call Rajasthan — from prehistoric settlements and the Indus Valley Civilization to ancient kingdoms, trade routes, cultures and the early societies that shaped this region. Rajasthan is often remembered for its magnificent forts, Rajput warriors and royal dynasties. But…
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1 Sep 2026 · 20 min
HISTORY OF VARANASI
VARANASI — a city that feels older than history itself. But how old is Kashi really? Who founded Varanasi? Why is this city considered one of the holiest places in the world? And how did it survive centuries of kingdoms, invasions, empires and changing India? In this episode, we travel through the fascinating history of Varanasi , from the ancient story of Kashi and its connection with Lord Shiva , to the rise of one of India's most important cultural and spiritual centres. We explore the Ghats of Varanasi, the Ganga, Sarnath, ancient Kashi, Buddhist history, Hindu traditions, Mughal-era…
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28 Aug 2026 · 54 min
Mumbai or Bombay? Indian History
History of Mumbai | Bombay to Mumbai, Kanheri Caves & the Seven Islands How did Bombay become Mumbai? In this episode of the India Unveiled Podcast , explore the history of Mumbai—from the ancient Kanheri Caves and Buddhist heritage to the Seven Islands of Bombay, colonial influence, trade, and the origin of the names Bombay and Mumbai. This is the story of how a group of coastal islands grew into Mumbai, India’s financial capital and the City of Dreams. If you love Indian history, Maharashtra history, Mumbai heritage, or stories behind India’s famous cities, this episode is for you. Follow…
